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पर्यटन को तीर्थयात्रा के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य मंदिरों की तीर्थ यात्रा है। दुमका अपने समृद्ध और विविध मंदिरों के साथ एक उल्लेखनिय स्थल है। यह समृद्ध परंम्परा विरासत और एतिहासिक महत्व का एक स्थान है। यहाँ हम उनके विवरण के साथ जिले के इतिहासिक और प्रसिद्ध तीर्थ यात्राओं की सूची उपलब्ध करा रहे है।

बाबा बासुकीनाथ धाम

बाबा बासुकीनाथ धाम

बासूकीनाथ धाम झारखंड के द्वारा जिले के जरमुंडी प्रखंड में अवस्थित है। यह देवघर – दुमका राज्य राजमार्ग पर स्थित है और दुमका के उत्तर पश्चिम में लगभग 25 कि0मी0 दूर है। यह हिन्दुओं के लिए तीर्थ यात्रा का एक पवित्र स्थान है। बासुकीनाथ मंदिर यहाँ का मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन जसीडीह-दुमका रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है। बासुकीनाथ धाम से निकटतम हवाईअड्डा विरसा मुण्डा हवाईअड्डा रांची एवं सुभाष चन्द्र बोस हवाईअड्डा, कोलकाता(पश्चिम बंगाल) है। बासुकीनाथ धाम दुमका जिला मुख्यालय से 24 कि0मी0 दुर है। सालों भर देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों करोड़ो लोग भगवान शिव की पूजा एवं दर्शन करने आते है। श्रावण के महिने में बासुकीनाथ धाम आकर्षण का केन्द्र बना रहता है।

 

बाबा सुमेश्वर नाथ

बाबा सुमेश्वर नाथ

बाबा सुमेश्वर नाथ दुमका जिला मुख्यालय से 60 कि0मी0 की दुरी पर सरैयाहाट प्रखंड में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहाँ भगवान शिव का एक बड़ा एवं प्राचिन मंदिर है। जहाँ महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर जिले तथा राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग भगवान शिव की पूजा करने के लिए आते है।

 

 

 

 

नाग मंदिर,दुमका

नाग मंदिर

दुमका में बाबा शिवपहाड़ की पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित एक भव्य एवं प्राचिन मंदिर है। दुमका जिले में स्थित शिवपहाड़ स्थानिय लोगो के बीच बहुत प्रसिद्ध है यहाँ अनेको भगवान के छोटे-छोटे मंदिर स्थित है। परन्तु मुख्य मंदिर भगवान शिव के लिए समर्पित है। जहाँ महाशिवरात्रि एवं अन्य पावन दिनों में हजारों की संख्या में लोग पूजा एवं दर्शन के लिए आते है।

 

 

मयुराक्षी नदी

मयुराक्षी नदी

मयुराक्षी नदी दुमका जिले की प्रमुख नदी है जो लगभग 250 कि0मी0 लम्बी है। इस नदी का स्रोत त्रिकुट हील में है जो झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के कुछ जिले से होकर बहती है।

 

 

 

मसानजोर डैम

मसानजोर डैम

मसानजोर दुमका जिले में स्थित एक प्रसिद्ध पिकनिक एवं पर्यटक स्थल है। जो दुमका से लगभग 31 कि0मी0 की दुरी पर है। मुख्यतः यह जगह जल विद्युत बिजली पैदा करने का जगह है। लेकिन समय बितने के साथ-साथ यह जगह पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय केन्द्र बन गया है। यह स्थल चारो ओर पहाड़ियों एवं जंगलों से घिरा हुआ है तथा नीचे की पहाड़ी पर सुंदर उद्यान एवं नदी के किनारे दो खुबसुरत डाकबंगले स्थित है जो बेहत सुंदर एवं आकर्षण का केन्द्र है। यह स्थल झारखंड के साथ-साथ सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल के भी प्रमुख स्थल तारापीठ एवं रामपुरहाट से जुड़ा हुआ हैं।

 

 

तातलोई

तातलोई

तातलोई एक गर्म पानी का झील है। जो दुमका जिला मुख्यालय से 15 कि0मी0 दुरी पर अवस्थित है। यह छोटे पहाड़ तथा सुदर, आकर्षक एवं सदाबहार प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है। इस झील का पानी स्वच्छ एवं बहुत स्वस्थकर है।

 

 

 

 

मलुटी

मलुटी

मलुटी एक एतिहासिक एवं धार्मिक स्थल है जो दुमका जिला मुख्यालय से 55 कि0मी0 दुरी पर है। दुमका रामपुरहाट राजमार्ग पर शिकारीपाड़ा प्रखंड में स्थित है। यह स्थल प्राकृतिक सोन्दर्य के लिए पुरातात्विक एवं धार्मिक है जो पर्यटकों के लिए काफी आकर्षण का केन्द्र है।